00 कोरोना की दवाई? दावे की पड़ताल ज़ारी है… | Bazinga

जैसा की आप सभी जानते है कि योग को पूरी दुनिया तक पहुँचाने वाले बाबा रामदेव ही हैं वैसे तो इनसे पहले भी कई योग गुरु हुए हैं लेकिन जिस तरह से इन्होने योग का प्रचार -प्रसार किया वो बेमिसाल है। योग ने ही इन्हे देश -दुनिया में एक महान हस्ती बना दिया है। अब योग गुरु, कारोबारी बन कर आये हैं तो बिज़नेस में भी एक बड़ा ब्रैंड बन गए हैं। वैसे तो स्वामी रामदेव के पतंजलि के कई ऐसे उत्पाद हैं जिन पर सवाल उठते रहे हैं और शायद ही कभी उन सवालों के संतोषजनक जवाब भी नहीं मिले , फिर भी लोगों का रामदेव पर इतना भरोसा और अँधा विश्वास है कि लोग आंख मूंद कर पतंजलि के प्रोडक्ट को खरीदते हैं। समझ ही नहीं आया कि योग सिखाते -सिखाते रामदेव कब भोग की चीजों की बिक्री करने लगे। कभी नूडल्स और जींस के कट्टर विरोधी रहे बाबा रामदेव खुद ही ये सब बेचने लग गए। आज मार्किट में कोई ऐसा प्रोडक्ट नहीं है जो पतंजलि न बनाता हो।


अब रामदेव की कंपनी कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर दवा कोरोनिल (Coronil) बनाने का दावा कर रही है। कोरोनिल जैसे प्रोडक्ट की भारत ही क्या पूरी दुनिया बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही है। ये ऐसा प्रोडक्ट है जिसे स्वामी रामदेव के विरोधी भी बगैर एक पल सोच विचार किये दौड़ कर लेंगे। जब जिदंगी दांव पर लगी हो तो हर तरह के विरोध अपने आप खत्म हो जाते हैं। कोरोनिल (Coronil) को लेकर दावों के साथ साथ स्वामी रामदेव ने अपनी साख भी दांव पर लगा दी है। बाबा रामदेव का दावा है कि दवाओं के ट्रायल के दौरान तीन दिन के भीतर ही 69 फीसदी रोगी निगेटिव हो गये – और ट्रायल के दौरान सात दिन में 100 फीसदी मरीज निगेटिव हो गये।
अगर वाकई ऐसा है तो ये तो दुनिया के लिए चमत्कार से कम नहीं है।

ये (Coronil) तो एक तरीके से संजीवनी बूटी ही है। अब तक सरकार की नजर में ऐसी कोई दवा नहीं है इसलिए सरकार को भी निश्चित रूप से ऐसी दवा की जरूरत होगी ही जो देश को कोरोना संकट से उबार सके। लेकिन हैरानी कि बात यह है कि मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने ही रामदेव की दवा कोरोनिल (Coronil) पर जांच बिठा दी है। ये बात अलग है कि पतंजलि की तरफ से आचार्य बालकृष्ण दावा कर रहे हैं कि ये सब कम्युनिकेशन गैप की वजह से हुआ है।

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