00 56 इंच के सीने में जिगर है भी या ढेर पड़ा है | Bazinga

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय सैनिक के लिए पूरे देश में गुस्से और बदले भावना उमड़ रही है। पूरा देश चीन की धोखेबाजियों का जवाब देना चाहता है। लोग सवाल कर रहे हैं जब पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक हो सकती है तो चीन पर क्यों नहीं? पीएम मोदी चुप क्यों हैं? सवाल के जवाब में पीएम साहब ने कहा कि हमारे सैनिक चीन के सैनिकों को मारते हुए मरे हैं।

सवाल तो कई उठ रहे हैं लेकिन सवाल पूछने वालों को गद्दार करार दिया जा रहा है। किसी ने कहा कि मोदी की विदेश नीति फेल हुई है तो घूम फिरकर फिर से नेहरू को ही जिम्मेदार बताया जाने लगा। हमारी सेना दुश्मन को मारकर आती है, फिर भी हम कहते हैं कि यह शौर्य देश की सरकार का है , तो फिर आज सरकार से जवाब क्यों न मांगा जाए?


मीडिया का एक हिस्सा आपके दबाव में हो सकता है, सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग आपका अंधभक्त हो सकता है, लेकिन जिन्होंने आपको कुर्सी दी है, उस जनता ने आपके दावों पर भरोसा किया था , आपके सवालों को उन्होंने अपना सवाल बनाया था, आपकी बातों पर यकीन करने कमल का बटन दबाया था, वो सभी लोग भाजपायी हीं थे, देशभक्त थे। देश आगे बढ़ेगा, देश मजबूत होगा, 56 इंच की छाती देश के दुश्मनों को जवाब देगी इन्ही दावों पर भरोसा करके आज भी वे हर तरह से आपका सहयोग करने को तत्पर हैं, आपके लिए नहीं, आपकी पार्टी के लिए नहीं, देश के लिए।


एक तरफ कहा जा रहा है कि चाइनीज सामान का इस्तेमाल बंद करो, चाइनीज ऐप अनइंस्टॉल करो, चीन को आर्थिक मोर्चे पर जवाब देना जरूरी है, वहीं आपके नेता-मंत्री, चाइना के जूम जैसे ऐप इंस्टॉल करके मीटिंग कर रहे हैं। सेना से जुड़े सूत्रों से पता चला है कि सेना का एक बड़ा हिस्सा ‘ऐक्शन’ चाहता है और देश की 125 करोड़ जनता भी यही चाहती है।

आप भी कहते हैं कि यह नया भारत है, 1962 का भारत नहीं है तो कैसे किसी की हिम्मत हो जाती है कि भारत की जमीन पर बुरी नजर डाले? चीन को करारा जवाब देने के लिए सेना और जनता दोनों ही तैयार हैं। देश जानता है कि युद्ध में हार-जीत के फैसले इस बात से नहीं होते कि किसके पास कितने सक्षम हथियार हैं, बल्कि हार जीत के फैसले इस बात से होते हैं कि किसके होंसले कितने बुलंद हैं। चीन को जवाब दीजिए , हम आपके साथ हैं

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