00 इतना सन्नाटा क्यूँ है भाई? | Bazinga

जहाँ एक तरफ देश में कोरोना का पब्लिक ट्रांसमिशन शुरू हो गया है वहीं दूसरी ओर देश में एक के बाद एक नेचुरल डिसास्टर्स कहर मचा रहे हैं। देश के पूर्व में अम्फान तूफान और पश्चिम में निसर्ग तूफान ने खूब तबाही मचाई है जबकि दिल्ली एनसीआर में आये भूकंप के झटकों से सभी लोग डर के साये में हैं।

अभी तो साइंस की मेहरबानी है कि टाइम रहते ही आने वाले तूफान की जानकारी मिल जाती है जिससे पहले से ही संकट से बचने की तैयारी कर ली जाती है। असम में भारी बारिश और भूस्खलन में कई लोग मारे गए हैं, केरल में मानसून की बारिश से जनजीवन पर असर दिखने लगा है। कोरोना पेशेंट से भरे हॉस्पिटल और नेचुरल डिसास्टर्स ने हर किसी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आज का मुश्किल टाइम हमारे धैर्य और ज्ञान की परीक्षा ले रहा है।

हम अपने अनुभवों से ही सीख लेकर इन प्रॉब्लम्स को सॉल्व कर पाएंगे। हमे एक जुट होकर इनका सामना करना होगा। हमें पर्सनल इंट्रस्ट और पार्शिअलिटी को छोड़ कर पब्लिक वेलफेयर के बारे में चिंता करनी चाहिए। ऐसे टाइम में अगर हम राजनीति करेंगे या सेल्फिशनेस दिखाएंगे तो इससे कुछ हासिल नहीं होगा बल्कि हम अपनी प्रॉब्लम्स को ही और बढ़ाएंगे। इसलिए पेशेंस रखें , एलर्ट रहें , सेफ रहें।

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